Aadarsh Rathore
मेरा प्यारा पेन, जिसके बारे में दो दिन पहले ही मैंने आप लोगों को बताया था, उसे किसी की नज़र लग गई। मेरी लापरवाही के चलते वो गुम हो गया। मन बहुत विचलित है। कोई काम करने को मन नहीं कर रहा। मैं उसे अपने डेस्क में छोड़कर एक मिनट के लिए कहीं गया तो वापसी पर उसे वहां नहीं पाया। मेरा पेन, जिससे न जाने मेरी कितनी यादें जुड़ी थीं। वो पेन जो न जाने कितनों को उनके पुराने दिन याद करा देता था, आज मेरे पास नहीं है। आज के बाद ये पेन भी सिर्फ याद बनकर रह जाएगा।
भगवान करे वो मुझे मिल जाए..............
लेबल: |
7 Responses
  1. Amit Says:

    आदर्श, ईश्वर करे..आपका पेन जल्द मिल जाए। लेकिन, मैं साथ ही ये भी कहना चाहूंगा कि खोना और पाना ही ज़िंदगी है। इसलिए आप विचलित न हों। पेन साथ हो य न हो.......इसकी यादें हमेशा आपके साथ रहेंगी। और जब भी इस तरह का पेन देखेंगे...आपको अपना पेन याद आएगा। खैर.......मुझे लगता है आपका पेन मिल जाएगा...आफिस के सभी लोगों से पूछ लीजिए या मेल कर दीजिए।

    अमित


  2. लगता है , आप आजकल की बोर्ड में अधिक ही उलझने लगे होंगे , इसी से नाराज होकर पेन गुम हो गया है।


  3. aapka pen mil jayega.
    mera pen bhi ek baar chori hua tha 12 may 2006 ko, par vo mil gaya tha.
    sayad aapka pen bhi mil jaye.


  4. आँख बंद कर के थोडी देर को बैठ जाईये--और याद कीजिए कि आखिरी बार कब आप ने उसे इस्तेमाल किया था-
    याद आ जाएगा.आप का पेन जल्दी आप को मिल जाएगा --वैसे बात संगीता जी ने खूब कही--आप से नाराज हो कर कहीं छुप गया है .


  5. आदर्श,भाई अपनी जेब मै देखो वही है, मिल जाये तो बताना.
    धन्यवाद


  6. can you email me: mcbratz-girl@hotmail.co.uk, i have some question wanna ask you.thanks