Aadarsh Rathore
मुस्कुराकर वो खुद को खुश जताते रहे
मगर अफसोस! आंसू सब सच बताते रहे...
Aadarsh Rathore
सुना था कि इश्क़ में खो देते हैं लोग अहम् अपना
ये क्या किया जो तुम अपनी अहमियत ही गंवा बैठे...
Aadarsh Rathore
"एक पल में ही तो अपना बनाया था यकायक
एक पल में ही बेगाना भी कर गए वो अचानक"
Aadarsh Rathore
मेरे गांव की सूरत ही नहीं, गांववालों की सीरत भी बदली हुई नजर आती है
देख मेरे गांव की तरक्की ऐ दिल्ली! तू व्यर्थ ही अपने विकास पर इतराती है...