Aadarsh Rathore
शास्त्री जी कहते हैं, समीर लाल जी कहते हैं, आप-हम हर कोई यही कहता है, वर्ड वेरिफिकेश हटा दें, इसकी फिलहाल हिन्दी ब्लॉगिंग में ज़रूरत नहीं है। मैं भी नए ब्लॉगर्स को यही सलाह देते घूमता था कि वर्ड वेरिफिरेशन हटा दें, लेकिन मैं आपको बता देना चाहता हूं कि हिन्दी ब्लॉगिंग में भी स्पैम्स का हमला हो गया है। मैंने एक दिन अपना मेल बॉक्स चेक किया तो सर चकरा गया। मेरे ब्लॉग की हर पोस्ट में किसी ने कमेंट्स कर रखे थे। जब मैंने कमेंट करने वाले पर क्लिक किया तो कुछ वेबसाइट्स खुल रही हैं। उदाहरण के लिए यहां क्लिक करें और सबसे नीचे देखें। पहले हम मानते थे कि हिन्दी ब्लॉगिंग में स्पैम्स नहीं है इसलिए वर्ड वेरिफिकेशन की ज़रूरत नहीं है। लेकिन अब लगता है कि वर्ड वेरिफिकेशन को ऑन करना ही पड़ेगा।
जो भी हो... इस घटना से एक बात तो साफ हो ही जाती है कि हिन्दी ब्लॉगिंग प्रसिद्ध हो रही है और नई ऊंचाईयां छू रही हैं। विज्ञापन करने के लिए अब लोग हिन्दी ब्लॉग्स का रुख करने लगे हैं। फिर भी ध्यान रहे, इन स्पैम्स के चक्कर में कई बार कई हानियां भी उठानी पड़ जाती हैं। मसलन कोई वायरस वाली साइट का लिंक या अश्लील साइट का लिंक भी सकता है। सो सावधान!


और तो और इस पोस्ट को लिखने के बाद एक बार फिर मेरे ब्लॉग पर स्पैम्स का हमला हुआ।
लेबल: |
5 Responses
  1. आपकी कई पोस्टॊं की कमेंट्स को मैने सब्स्क्राइब किया था. एक दिन १०-१५ मेल मुझे भी मिल गये. एकाध बार मेरे ब्लाग में भी स्पैम का हमला हुआ था पर वो १-२ कमेंट्स तक सीमित था.


  2. भाई आप अपना लेपटाप या पीसी जो भी है उसे चेक करो, यह बहुत जरुरी है, बाकी जब भी मेल खोलो तो कम से कम नाम पढ कर खोलॊ,
    धन्यवाद


  3. मित्र

    आपका कहना सही है मगर अभी एक दो स्पैम मैसेज तक बात सीमित है जिसे डिलिट किया जा सकता है. जब अंग्रेजी स्पैम जैसी स्थिति हो जायेगी तब शायद वर्ड वेरिफिकेशन की जरुरत पड़े. वैसे तो इनका आना शुभ संकेत है कि स्तर बढ़ रहा है. :)


  4. जैसे समीर जी ने कहा, इन्हें डिलीट किया जा सकता है. हमारे अंग्रेजी ब्लॉग में कई हिन्दी ब्लॉगर केवल यह लिख जाते हैं "अच्छा है हमारे ब्लॉग में आईये". वर्ड वेरिफिकेशन के लागू करने के बाद भी क्या ऐसे स्पैम रुक जायेंगे? कदापि नहीं.आभार.