उसकी बात / बलराम अग्रवाल
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[लघुकथा का यह ड्राफ्ट आज 09-02-25 को एक पुरानी डायरी में रखा मिला है। इस पर
तारीख नहीं लिखी। कथ्य और ड्राफ्ट की प्रकृति को देखते हुए 1975 तक कभी लिखी
गई ...
अबकी बार खुले में शौच पर वार
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http://www.ichowk.in/humour/next-surgical-strike-will-be-on-open-defecation/story/1/5058.html
*'अबकी बार, खुले में शौच पर वार'*. सरकार का ये नया नारा उन ल...
ये दिल्ली है, ज़रा संभल कर
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(आप बीती)
ये आपबीती खास तौर पर उन लोगों के लिए जो दिल्ली और एनसीआर में रहने की वजह से
खुद को बिहार की तुलना में खुद ज्यादा महफूज महसूस करते हैं। (बिहार क...
बादल फटना- प्राकृतिक आपदा या कुछ और....
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उत्तराखंड में बादल फटने से आई आपदा ने मुझे सोचने पर मजबूर किया कि हर साल
बादल फटने की घटनाएं क्यों बढ़ रही हैं। क्या ये सिर्फ प्रकृति का बदला हुआ
रूप है।...
यूपीएससी के रिजल्ट के अगले दिन मेरा दिन खराब...
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* सिविल सर्विसेज का जब भी रिजल्ट आता है...उस दिन मेरा दिन ख़राब हो जाता है.*..क्योंकि
सुबह-सुबह ही अख़बार वाले रिजल्ट फ्रंट पेज पर छाप देते हैं औऱ जैसे ही...
बदक़िस्मत होकर जाना, कितना खुशक़िस्मत था!
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*प्रभाष जी चले गए... अब भी हमें यकीन नहीं हो रहा। ग़मगीन हूं। मेरे एक दोस्त
तनसीम हैदर प्रभाष जी के पड़ोस में रहते हैं। उन्होंने प्रभाष जी के जाने को
जैसा ...