Aadarsh Rathore
एक आखिरी अहसान कर दो
अहसान करना बंद कर दो,
अपने पास रखो ये सहानुभूति
बस परेशान करना बंद कर दो...।।
2 Responses

  1. Vaibhav Says:

    अच्छा है, आतंरिक कुंठा निकल रही रही है |