Aadarsh Rathore
आज शाम मुझे किसी का एसएमएस आया... अंग्रेज़ी में था लेकिन उसकी विषयवस्तु कुछ इस प्रकार थी...

बहुत खेद की बात है कि आज लगभग हरेक चैनल माई नेम इज़ ख़ान पर चर्चा करके अपनी देशभक्ति ज़ाहिर कर रहा है... लेकिन आज ही के दिन अलसुबह भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को फांसी पर चढ़ा दिया गया था। कोई उन्हें याद नहीं कर
रहा...


यकीन मानिए जब पहली बार मुझे मैसेज आया तो मुझे भेजने वाले की नासमझी पर हंसी आई..। लेकिन तभी एक और एसएमएस आया और फिर एक के बाद एक कई मैसेज आते रहे..। शाम तक मेरा फोन बजता रहा। मेरे सहयोगियों को भी इस तरह के मैसेज आए और उनमें से कईयों ने तुरंत उसे अपने दूसरे दोस्तों को फॉरवॉर्ड भी कर दिया..। मैं कोने में बैठा सब देख रहा था..। मैं दुखी था कि क्या दिन आ गया है..। दूसरों को देशभक्ति की दुहाई देने वाले ये लोग कितने नासमझ हो गए हैं...।
किसी पर प्रहार करके खुद को समझदार और देशभक्त दिखाना चाहते हैं। लेकिन नासमझ कितनी बड़ी गलती कर रहे हैं, उन्हें इस बात का इल्म तक नहीं...।

अरे भाई लोगों.. शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को 23 मार्च, 1931 को फांसी चढ़ाया गया था आज के दिन नहीं...। कुछ तो शर्म करो यार...
8 Responses
  1. समझ में ये नहीं आता .....की लोग ऐसे महान बिभुतियाओं के बारें जानकारी नहीं रखते .


  2. वो भी चैनलों की तरह सनसनी मचाना सीख रहे हैं झूठी खबरें दे देकर!! :)




  3. ab sms crosscheck karne padenge, pata nahi kitne sahi hai aur kitne galat:)


  4. अरे आप ऎसे यार रखते ही क्यो है... जिन्हे कुछ भी शर्म नही :)


  5. मैसेज वाले देशभक्त तो यही करेंगे... क्या कह सकते है


  6. sach kah rahe ho....par koi fayda nahi hai....inhe hamesha kuch bada chaiye jise ye namak mirch laga kar paros sake ....kya sachmuch inhone aur hamne media mai ane ka faisla ye sab karne k liya liya tha???