Aadarsh Rathore
हंसते चेहरों
और तालियों की गड़गड़ाहट के बीच
एक उदास चेहरा,
बैठा है खामोश,
उसके पैरों के पास
पड़ा है हंसी का मुखौटा
जाने किस चीज़ का
वह कर रहा है इंतज़ार...
5 Responses
  1. vandana Says:

    waah...........kya khoob likha hai.



  2. खामोशी से मुस्कराहट का इन्तेज़ार करना सीखना ही पड़ता है ....



  3. ye udaas chehra avashya hi tumhaara hai.....